जाने कहां गए वो दिन………….

(कक्काजी  स्व.  परमेश्वर  कुमर को याद करते  हुए) आज  की गला –घोंट राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के युग में परमेश्वर कुमर जो एक प्रखर स्वतन्त्रता सेनानी , चौहत्तर  आन्दोलन  के तपे –तपाये   अपनी  मिटटी  से  गहरे  जुड़े  जन-नेता थे, कुछ-कुछ अप्रासंगिक हो …

अशोक का जन्मदिन

बिहार  सरकार  द्वारा हाल  ही में सम्राट अशोक  के जन्म दिन  पर  राज्य में सार्वजनिक छुट्टी  घोषित  किये  जाने  के  निर्णय का  स्वागत  किया  जाना  चाहिए . सम्राट  अशोक  की  वीरता , उनके  शौर्य और  पराक्रम तथा अखंड भारत  के …

राजकमल को याद करते हुए

राजकमल  को  याद  करते  हुए ………. १९६७  में हुई असमय  मृत्यु के  बाद  राजकमल विरोधाभासों  के  शिकार  बने रहे .आलोचना की  दो  अतिवादी  प्रवृत्तियाँ  उनके  आस-पास  मंडराती  रहीं .एक  वर्ग  उन्हें चिर- विद्रोही ,आवारा  मसीहा  घोषित  और  सिद्ध करने में …

सामा-चकेवा

सामा-चकेवा दीवाली  और  छठ पर्व  के  साथ  ही  एक  और  अति- विशिष्ट  पर्व का  मैं  बेसब्री  से  इंतज़ार  करने लगता  हूँ  जिसे  हमलोग  सामा –  चकेवा के नाम से जानते  हैं . भाई –बहन  के प्रेम से सराबोर  यह पर्व …

MANDAN MISHRA

—————————— Any discussion on Indian philosophy is incomplete without considering the assertive and enduring contribution of Mithila particularly in the fields of Nyaya, Sankhya and Mimansa. In the galaxy of luminaries like Gautam, Kanaad, Yagyavalkya, Janak Udayanacharya and several others,…